एम्स की डायटीशियन ने खोली चटपटे स्नैक्स की पोल - Every fit

Every fit

Bodybuilding tips, Nutrition,Workouts,Ghrelu nuskhe

Breaking

Breaking News

myntra

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Tuesday, June 19, 2018

एम्स की डायटीशियन ने खोली चटपटे स्नैक्स की पोल

Vasundhara Singh, Dietition, AIIMS

ऑफिस में या टाइम पास के तौर पर हम वो खाते हैं जो मिल जाता है या जो दोस्त खिला देते हैं। हमारी यही आदत दिल की दुश्मन तो है ही, कैंसर जैसे गंभीर रोग को भी न्यौता देती है। क्योंकि स्नैक्स में जो स्वाद आपको भाता है, वही तो बीमारियां लेकर आता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की डायटीशियन वसुंधरा सिंह चटपटे स्नैक्स की पोल खोलने के साथ साथ आपको सेहतमंद स्नैक्स की भी जानकारी दे रही हैं।
हेल्‍दी और अनहेल्‍दी फूड में कैलोरी की टेबल भी दी जा रही है जिससे आपको सही फैसला लेने में मदद मिलेगी।
टेस्टी स्नैक्स, गंभीर बीमारी – दिल संबंधी बीमारी, लिवर में गड़बड़ी, किडनी में परेशानी और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की मोटे तौर पर दो वजहें सामने आ रही हैं। नंबर एक हमारे काम करने के तौर तरीके और दूसरी बात हमारी खाने पीने की आदतें। ऑफिस मे बैठे-बैठे या सफर के दौरान या टीवी देखते हुए नमकीन, आलू चिप्स,चाय कॉफी, पकौड़े पैक्ड स्नैक्स खाना आम बात है। यह स्नैक्स हमारी भूख तो शांत करते हैं,लेकिन गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। ऐसे स्नैक्स टाइप-2 डायबीटीज, बेड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाना, बॉडी को सही मात्रा में इंसुलिन न मिलना, काम के समय नींद आना, आलस, हाई बीपी जैसी प्रॉब्लम को पैदा करते हैं।
फ्राई को छोडें इन्हें ट्राई करें – कायदे में हमें हर दो घंटे के बाद कुछ न कुछ खाना चाहिए, इससे शरीर का एनर्जी लेवल तो बढ़ता ही है, बॉडी का मेटाबॉलिज्म सिस्टम, इम्यून सिस्टम भी हेल्दी रहता है। लेकिन यह तभी दुरुस्त रहेगा जब आप हेल्दी स्नैक्स लेंगे। हेल्दी स्नैक्स के रूप में आप सूखे मेवे ले सकते हैं। इनमें फाइबर, प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन्स खूब होते हैं। भुनी मूंगफली व मक्का हेल्दी स्नैक्स का एक बेहतर विकल्प हैं। इनमें फैट तो कम है होता ही है यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मदद करती हैं। बिस्कुट, नमकीन, चिप्स की जगह सीजनल फल लें तो ज्यादा अच्छा है। स्नैक्स के रूप में फल लेने से बॉडी को ढेर सारे विटामिन्स, मिनरल्स मिलते हैं और रोग होने का खतरा भी दूर होता है।
डेस्क स्नैक्स के रूप में केला एक बढ़िया विकल्प है। केला फाइबर, ग्लूकोज, पोटेशियम, मैग्नीशियम, ग्लूकोज का अच्छा स्रोत है, जो दिमाग फ्रेश रखता है। डेस्क पर बैठकर कुछ न कुछ खाते रहते हैं, तो अनहेल्दी स्नैक्स के स्‍थान पर फ्रेश बेजिटेबल जैसे गाजर, मूली, खीरा, ककड़ी, टमाटर लें। यह भूख मिटाने के साथ-साथ शरीर में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर की कमी को भी पूरा करती हैं। उबला अंडा भी स्नैक्स के रूप ले सकते हैं। अंडा में प्रोटीन खूब होता है, जो भूख मिटाने के साथ-साथ बलड शुगर कंट्रोल करने में भी मदद करता है।

बुरे स्नैक्स और हेल्‍दी स्नैक्स की कैलोरी टेबल

चॉकलेट छोटी – 182, केला – 116
पेस्ट्री/पेटीज – 300/400, सेब – 52
35 ग्राम आलू चिप्स – 196,  मक्का – 160
पिज्जा प्रति स्लाइस – 250,  सैंडविच/टोस्ट – 180 प्रति स्लाइस
समोसा – 150,  ब्राउन ब्रेड – 75
1 कोल्‍ड्रिंक – 8 चम्मच चीनी,  नीबू पानी/सोडा – 10
शर्बत – 80,  छाछ  – 40
250ग्राम फुलक्रीम दूध –  170,  टोन्ड दूध – 80
पचास ग्राम नमकीन – 280,  भेलपुरी – 75
दो गुलाब जामून – 320,  मिश्‍टी दही 100 ग्राम- 148
स्टफ पंराठा – 255,  स्टफ रोटी – 165
दो पीस कटलेट – 320,  इडली – 170
फ्रेंच फ्राइड छोटा पैक – 370,  शकरकंदी – 120
पकौडा छह पीस – 460,  ढोकला – 215
200एमएल डिब्बाबंद जूस –  222,  नारियल पानी – 120
थोडी से मेहनत ज्यादा सेहत
ध्यान रखें ‌पैकेड फूड, स्नैकस से बचें। यात्रा पर जाते समय बाहर का न खाएं घर से कुछ भोजन साथ लेकर चलें। कैंटीन के खाने से बचें। टी ब्रेक में समोसा या पकौडा की जगह ढोकला या इडली लें। स्टफ पंराठा के स्‍थान पर स्टफ रोटी या सादी रोटी लें। कोल्ड‌ड्रिंक की जगह नींबू पानी, नारियल पानी, सोडा लें। ताजे फल व सब्जियों को खाने की आदत डालें। चाय कॉफी की मात्रा कम करें।
By  Vasundhara Singh, dietitian, AIMS

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages